जनगणना 2026: एक अप्रैल से घरों की गिनती के साथ शुरू होगी प्रक्रिया
भारत की अगली जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जिसकी शुरुआत घरों की गिनती और सूचीकऱण से होगी। यह प्रक्रिया दशकीय जनगणना का पहला चरण है और इसमें सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से काम किया जाएगा।
पहला चरण: घरों का सूचीकरण और आवास गणना
- घर की स्थिति, स्वामित्व, सुविधा, पानी-बिजली, शौचालय आदि की जानकारी ली जाएगी।
- 34 लाख से अधिक गणक एवं पर्यवेक्षक और 1.3 लाख अधीक्षक नियुक्त होंगे।
- यह कार्य अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा।
दूसरा चरण: जनसंख्या गणना
- 1 फरवरी 2027 से यह चरण शुरू होगा।
- इसमें प्रत्येक व्यक्ति से व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक जानकारी ली जाएगी।
पूछे जाएंगे ये प्रश्न
जनगणना के दौरान लोगों से घर में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सवाल पूछे जाएंगे, जैसे:
- इंटरनेट, मोबाइल, वाहन, टीवी, रेडियो
- शौचालय की स्थिति
- खाने की प्राथमिक व्यवस्था
- परिवार में कितने सदस्य हैं, जातीय और सामाजिक स्थिति
महत्वपूर्ण निर्देश
- 31 दिसंबर 2025 के बाद प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं में बदलाव नहीं किया जाएगा।
- एक बार दर्ज हुए बदलाव को ही अंतिम माना जाएगा।
- हर गांव को एक समान गणना क्षेत्र में बाँटा जाएगा।
निष्कर्ष
जनगणना 2026 न केवल जनसंख्या की संख्या तय करेगी, बल्कि देश की विकास नीतियों की दिशा को भी प्रभावित करेगी। इसके लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।