बिहार: सरकारी स्कूलों में लड़कियों का नामांकन अधिक, निजी स्कूलों में लड़के आगे

R Sharma

बिहार: सरकारी स्कूलों में लड़कियों का नामांकन अधिक, निजी स्कूलों में लड़के आगे

यू-डायस रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, बिहार के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक लड़कियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक है। वहीं निजी स्कूलों में लड़कों की संख्या लड़कियों से ज्यादा है।


सरकारी बनाम निजी स्कूलों में नामांकन

कक्षा सरकारी स्कूल - लड़के (लाख) सरकारी स्कूल - लड़कियाँ (लाख) निजी स्कूल - लड़के (लाख) निजी स्कूल - लड़कियाँ (लाख)
प्रथम5.535.672.471.63
द्वितीय6.746.932.471.62
तृतीय8.348.542.641.74
चतुर्थ9.439.842.431.55
पंचम10.7610.912.211.48
षष्ठम8.038.061.901.45
सप्तम7.157.881.921.36
अष्टम6.837.202.011.36
कुल62.8266.1518.0512.19

महत्वपूर्ण आंकड़े

  • सरकारी स्कूलों में कुल 66 लाख 15 हजार छात्राएं नामांकित।
  • निजी स्कूलों में लड़कों की संख्या 18 लाख, जबकि लड़कियाँ सिर्फ 12 लाख।
  • बेटियों की शिक्षा को लेकर समाज में सकारात्मकता बढ़ी है।

जिलावार प्रमुख नामांकन

  • पटना: 7.17 लाख
  • पश्चिम चंपारण: 7.73 लाख
  • मुजफ्फरपुर: 7 लाख
  • पूर्णिया: 6.24 लाख
  • सारण: 5.94 लाख

निष्कर्ष

बिहार के शिक्षा परिदृश्य में यह बदलाव स्वागतयोग्य है कि लड़कियाँ सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में नामांकित हो रही हैं। वहीं निजी स्कूलों में लड़कों का वर्चस्व शिक्षा के सामाजिक पक्ष पर ध्यान देने की आवश्यकता की ओर इशारा करता है।

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